Au Ki Matra Wale Shabd – हिंदी भाषा में प्रयुक्त देवनागरी लिपि में “औ” अक्षर एक संयुक्त स्वर है और इसे ध्वनि के रूप में उच्चारित किया जाता है। किसी भी शब्द की रचना के लिए स्वरों का प्रयोग किया जाता है जैसे “कौआ” शब्द के निर्माण के लिए “औ” स्वर का प्रयोग किया जाता है और जिसकी सहायता से कौआ शब्द का निर्माण होता है। औ को एक “मात्रा” के रूप में जाना जाता है और एक शब्दांश बनाने के लिए व्यंजन के संयोजन में इसका उपयोग किया जाता है।
उदाहरण के लिए, व्यंजन “क” और “ौ” मात्रा का संयोजन शब्दांश “कौ” बनाता है। इस शब्दांश को “कौआ” (कौआ) और “कौन” (कौन) जैसे शब्द बनाने के लिए अन्य व्यंजनों और मात्राओं के साथ जोड़ा जा सकता है।
हिंदी में, “ौ” मात्रा का प्रयोग अक्सर किया जाता है और कई सामान्य शब्दों में पाया जा सकता है। हिंदी भाषा में प्रभावी ढंग से संवाद करने के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि “ौ” मात्रा के साथ शब्दों का सही उच्चारण कैसे किया जाए।
हिंदी वर्णमाला में कुल 11 स्वर होते है इन्ही स्वरों को मात्रा कहाँ जाता है। औ स्वर हिंदी वर्णमाला का दसवें स्थान की संयुक्त मात्रा है। औ स्वर से शुरू होने वाले शब्दों की सूचि और छात्रों के लिए औ की मात्रा से जुड़ा PDF Worksheet आप नीचे देखेंगे। PDF Worksheet को आप फ्री में डाउनलोड कर सकते है और अपने बच्चो के होमवर्क या प्रैक्टिस करने में मदद कर सकते है।

Au Ki Matra Wale Shabd
औ की मात्रा के शब्द कैसे बनते है
हिंदी भाषा में, औ की मात्रा के साथ व्यंजन को जोड़कर शब्द बनाये जाते हैं। उदाहरण के लिए, क व्यंजन और ौ मात्रा को जोड़कर “कौ” शब्दांश बनता है। इससे अधिक शब्द भी बन सकते हैं।
हिंदी में, औ की मात्रा का प्रयोग संयुक्त स्वर के रूप में होता है और बहुत से सामान्य शब्दों में ौ की मात्रा का प्रयोग किया जाता है। ौ की मात्रा के साथ शब्दों को सही ढंग से उच्चारण करने के लिए जानना बहुत जरूरी होता है क्योंकि हिंदी भाषा में कुछ शब्द को सही ढंग से उच्चारण करने से ही सही समझ में आते हैं।
संधि विच्छेद की प्रक्रिया संधि के दो अंशों को अलग करके उनके बीच की अंतर को निकालती है। उदाहरण के लिए, “कौआ” शब्द का संधि विच्छेद होता है “कौ” + “आ” है। इसी प्रकार उदहारण के लिए नीचे अन्य शब्द निचे दिए गए है।
| क + ौ + आ = कौआ |
| म + ौ + न = मौन |
| न + ौ + का = नौका |
| ग + ौ + रव = गौरव |
| म + ौ + सम = मौसम |
| च + ौ + कीदार = चौकीदार |
| प + ौ + धा = पौधा |
| स + ौ + दा = सौदा |
| द + ौ + ड़ = दौड़ |
| त + ौ + लिया = तौलिया |
| ख + ौ + फ = खौफ |
| च + ौ + राहा = चौराहा |
| ल + ौ + टना = लौटना |
| म + ौ + त = मौत |
| च + ौ + दह = चौदह |
| ब + ौ + ना = बौना |

2 अक्षर के औ की मात्रा वाले शब्द
औ स्वर और व्यंजनों की सहायता से बहुत से शब्दों का निर्माण होता है। आपकी सहायता और अभ्यास के लिए निचे ौ मात्रा की सहायता से 2 अक्षरों की सूची उदहारण स्वरुप दी गयी है।
| कौन | दौड़ |
| मौन | चौथ |
| मौत | खौफ |
| सौंफ | गौर |
| कौर | तौर |
| और | पौर |
| छौर | गौण |
| कौल | मौल |
| पौल | तौल |
| गौल | कौम |
| सौम | दौम |
| मौज | रौज |
| ठौर | दौर |
| सौर | मौर |
| नौर | बौर |
| रौद | सौद |
| नौद | बौद |
| गौद | जौ |
| हौज | कौज |
| सौज | बौज |
| लौह | रौह |
| मौह | सौह |
| गौह | कौश |
| मौश | दौश |
| सौश | हौश |
| रौश | फौज |
| औम | औस |
| औप | औल |
3 अक्षर के औ की मात्रा वाले शब्द
औ स्वर जिसे हम मात्रा भी कहते है इसकी और व्यंजनों की मदद से अब हम 3 अक्षरों का निर्माण देखेंगे जिनकी सूची उदहारण स्वरुप नीचे दी गयी है।
| गौरव | मौसम |
| चौदह | दौरान |
| औरत | औषध |
| औसत | कौशल |
| गौतम | मौलिक |
| चौकस | चौराहा |
| तौलिया | लौटना |
| कौशल | औजार |
| भौंकना | रौनक |
| सौंदर्य | गौशाला |
| कौतुक | मौखिक |
| नौकर | गौरैया |
| दौलत | सौगात |
| सौगात | दौलत |
| नौकरी | चौपाल |
| सौतेला | मौसेरा |
| हौसला | फौरन |
4 अक्षरों के औ की मात्रा के शब्द
उपयुक्त उदाहरणों की तरह निचे 4 अक्षरों की सहायता से ौ स्वर या मात्रा का प्रयोग भी दर्शाया गया है कृपया अभ्यास के लिए आप उन्हें भी देख सकते है।
| चौकीदार | औद्योगिक |
| नौजवान | कौशलता |
| कौतुहल | मौलिकता |
| सौंदर्यता | बौखलाया |
| भौगोलिक | पौधशाला |
| गौरीपुत्र | सौम्यता |
| औदार्यता | नौसिखिया |
| नौमासिक | गौरीमूर्ति |
| चौकीदारी | नौजवानी |
| मौखिकता | मौलिकता |
| सौदागर | शौचालय |
| लौटकर | दौड़कर |
5 अक्षरों के औ की मात्रा के शब्द
5 अक्षरों या व्यंजनों की सहायता और औ मात्रा के समागम से बने गए शब्द निचे दिए गए है।
| औपचारिक | कौतुहलता |
| गौरवान्वित | सौंदर्यप्रिय |
| बौखलाहट | सौरमंडल |
| गौरीशंकर | औरंगाबाद |
| दौलतपुर | दौलतमंद |
| गौरतलब | नौकरशाही |
| गौरतलब | औषधालय |
| औजारबंद | औपदेशिक |
| औषधशाला | औद्योगीकृत |
| कौशलनिधि | चौड़ाईपन |
| नौतंकीपन | मौलिकावादी |
| औपचारिक | चौखटदार |
| मौलिकवाद | औदार्यमान |
| औषधालय | चौपालखाना |
| कौशलपूर्ण | गौरीदर्शक |
| नौटंकीबाज | कौशलदूत |
औ की मात्रा वाले शब्द चित्र सहित
2 अक्षर के औ की मात्रा वाले शब्द चित्र सहित यहाँ देखे !
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3 अक्षर के औ की मात्रा वाले शब्द चित्र सहित यहाँ देखे !
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4 अक्षर के औ की मात्रा वाले शब्द चित्र सहित यहाँ देखे !
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औ मात्रा वाले शब्द से बने वाक्य का उदाहरण
- कौन सा रास्ता सही है?
- दौड़ने से स्वास्थ्य अच्छा होता है।
- मौन रहना कभी-कभी बेहतर होता है।
- मौत से सभी डरते हैं।
- खौफ की वजह से वह रो रहा था।
- सौंफ खाने से पेट की गैस कम होती है।
- गौर से देखना जरूरी है।
- कौर को धीरे-धीरे चबाना चाहिए।
- और कुछ चाहिए क्या?
- नौ बजे स्कूल जाना है।
- कौआ काला पक्षी होता है।
- नौका पानी में तैरती है।
- पौधा सूरज की रोशनी में बढ़ता है।
- सौदा करते समय सावधानी बरतें।
- गौरव पाना खुशी की बात है।
- मौसम आज बहुत सुहावना है।
- चौदह साल की उम्र में पढ़ाई जरूरी है।
- बौना आदमी भी काम कर सकता है।
- औरत समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- औषध लेने से बीमारी ठीक होती है।
- औसत नंबर भी अच्छे होते हैं।
- कौशल से काम करना चाहिए।
- चौकस रहना सुरक्षा के लिए जरूरी है।
- चौराहा ट्रैफिक का केंद्र होता है।
- तौलिया नहाने के बाद इस्तेमाल करते हैं।
- घर लौटना खुशी की बात है।
- औजार काम आसान बनाते हैं।
- फौजी देश की रक्षा करते हैं।
- चौका रसोई का हिस्सा है।
- मौजी स्वभाव अच्छा होता है।
- कौड़ी पुराने समय की मुद्रा थी।
- चौड़ा रास्ता सुविधाजनक होता है।
- नौजवान देश का भविष्य हैं।
- नौकर मेहनती होना चाहिए।
- गौरैया छोटी चिड़िया है।
- सौगात मिलना अच्छा लगता है।
- दौलत से खुशी नहीं मिलती।
- नौकरी पाना जरूरी है।
- चौपाल गांव का केंद्र होता है।
- हौसला रखना जरूरी है।
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FAQ on Au Ki Matra Wale Shabd
Question : हिंदी में औ की मात्रा का क्या अर्थ होता है?
Answer: औ की मात्रा हिंदी में “ौ” संयुक्त स्वर को संदर्भित करती है, जो मुंह से उत्पन्न की जाने वाली ध्वनि है। औ की मात्रा हिंदी भाषा की एक महत्वपूर्ण संयुक्त मात्रा है और इसका प्रयोग कई शब्दों और वाक्य बनाने में प्रयोग किया जाता है।
Question : औ की मात्रा को हिंदी में कैसे उच्चारित किया जाता है?
Answer: औ की मात्रा का उच्चारण “अौ” की तरह संयुक्त ध्वनि के रूप में किया जाता है, जैसे अंग्रेजी में “how” या “cow” शब्द का उच्चारण किया जाता है। ौ मात्रा की सहायता से हिंदी के कई शब्दों का निर्माण किया जाता है, जैसे “कौआ” (कौ + आ) जो एक पक्षी का नाम है।
Question : औ की मात्रा को हिंदी भाषा में कैसे प्रयोग किया जाता है?
Answer: औ की मात्रा का प्रयोग हिंदी भाषा में विभिन्न शब्दों को बनाने के लिए किया जाता है। यह एक संयुक्त स्वर के रूप में प्रयोग किया जाता है और इसका उपयोग किसी शब्द के आरंभ, मध्य या अंत में किया जा सकता है। इसका प्रयोग हिंदी व्याकरण में संज्ञा, सर्वनाम और क्रिया के विभिन्न रूपों को बनाने के लिए भी किया जाता है।
Question : हिंदी में औ की मात्रा का उपयोग करने वाले शब्दों के कुछ उदाहरण क्या हैं?
Answer: हिंदी में औ की मात्रा का उपयोग करने वाले शब्दों के कुछ उदाहरण हैं:
“कौआ” (कौ + आ) जो एक काले रंग की चिड़िया है।
“नौका” (नौ + का) जो पानी में चलने वाली छोटी नाव है।
“मौसम” (मौ + सम) जो जलवायु को दर्शाता है।
“चौकीदार” (चौ + कीदार) जो पहरेदारी का काम करता है।
Question : औ की मात्रा हिंदी की अन्य मात्राओं से कैसे भिन्न है?
Answer: औ की मात्रा एक संयुक्त स्वर है, जो अन्य सरल मात्राओं से अलग है। इसका उच्चारण करते समय दो स्वरों की ध्वनि मिलकर एक नई ध्वनि बनाती है जो इसे अन्य मात्राओं से अलग बनाती है। यह हिंदी वर्णमाला में दसवीं संयुक्त मात्रा है।
Question : औ की मात्रा सीखने के क्या फायदे हैं?
Answer: औ की मात्रा सीखने से हिंदी भाषा की बेहतर समझ मिलती है। इससे संयुक्त स्वरों का सही उच्चारण करने में मदद मिलती है और भाषा की शुद्धता बनी रहती है। यह हिंदी पढ़ने-लिखने की नींव मजबूत करती है और संवाद में स्पष्टता लाती है। संयुक्त स्वरों की समझ से वर्तनी में भी सुधार होता है और भाषा की गहराई समझ आती है।
हमें आशा है की आपको Au ki Matra Wale Shabd पर लिखा लेख पसंद आया होगा यदि आपका कोई सुझाव या परामर्श हो तो कृपया हमें जरूर बताये धन्यवाद !